कोशिशें हज़ार की उन्हें भुलाने की पर उनकी याद तड़पा ही जाती है, करवटे बदलते है रात भर ना जाने नींद कहा चली जाती है, चाह तो हमदम बनकर रहने की थी ,पर यह नामुराद दुनियां कब दिलो को सकूँ से रहने देती है, अब आप ही कुछ रास्ता दिखाए सनम हम तो उम्र भर सिर्फ आपके रहना चाहते है

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