पत्थर थे हम तो आपकी मुस्कान ने मोम बना दिया, यह दिल जो बुत था पिघलने लगा जबसे आपने बाहों का सहारा दिया

एक खाली मकान सा था यह दिल मेरा, दस्तक उन्होंने दी है, किराया क्या लेना था उनसे हमने तो दिल की जागीर उनके नाम लिख दी है

Mana ki teri mohabbat ke kabil nhi hum, par sanso ki zarurat ban gye itna guman to rehne do

तेरे इश्क़ में खिल उठी हु, सब कहते है तेरी हो चुकी हूं, आके अपना बना ले अब तो देख मैं तेरे रंग में रंग चुकी हूं

जाने क्या असर है उनकी नज़रो में हम खुद को भूले बैठे है, कहा तो अब तक कुछ नही पर हम दिल में पूरी दासता लिखे बैठे है,घायल तो हम उनकी नज़रो के थे पर एक मुस्कुराहट पर ज़िंदगी लुटाये बैठे है

एक कमी सी है ज़िंदगी में अगर वोह साथ नही, आँखे वीरान सी है अगर उनमे उनकी तस्वीर नही, कह दे जाके कोई उनसे यह हालात हमारे, 

कि हम कुछ नही बिन आपके

मेरे बिस्तर की हर सलवट मेरी रात की कहानी बयां करती है कि एक औऱ रात गुज़री है तेरी याद में करवटे बदलते हुए

ए दुनियां वालो ना लिपट के रोने देना उनको हमारे जनाजे से, कोई हमे गले लगाए इस आरज़ू को आखिरी खवाइश बनाये दुनिया से जाएंगे

लिपटे है उनसे इस कदर की रात भी रुक गयी है, जबसे तेरी बाहो में आसरा मिला है हर गम से महफूज़ हो गए है, नही अब कोई औऱ खवाइश इस दिल की ,तुम्हे जो पाया तो उस रब को पा गए है

जैसे हर सुबह को सूरज की किरण चाहिये, वैसे ही मेरी  हर सांस को तेरी सूरत चाहिए, तुम रहना  यूही सदा पास मेरे मुझे जीने के लिए हरपल तेरा साथ चाहिए