ना जाओ उठ कर पहलू से चाँद तारो को रोक रखा है, पलकों की चादर बिछाई है बाहों को फैला रखा है, फिर ना कहना हमे मोहब्बत नही आपसे, इस रात को बस आपके लिए ही सजा रखा है

तुम्हारी मोहब्बत के धागे कितने भी कच्चे हो हम तोड़ नही पाए, दूरियां कितनी भी हो हम कभी अलग हो ही नही पाए ,तेरे कदमो के निशान जहा भी पडे बस उसके सिवा कोई ठिकाना समझ ही ना पाए

कहते है प्यार के धागे बड़े कच्चे है,फिर इन्हें कोई तोड़े क्यू, बंधन यह जन्मों का है साथ एक दूजे का कोई छोड़े क्यू, ली है कसम साथ रहेंगे सदा ,अब एक पल को दूर रहे क्यू

बस एक आप हमारे हो जाये जमाने की हमे ज़रूरत नही,ख़ामोश रह कर भी सुना देंगे इस दिल की दास्ताँ हमे लफ़्ज़ों की ज़रूरत नही,पास जो आप है हमारे ,खुदा कसम इन चाँद तारो की भी ज़रूरत नही,जिन पलको में बसे आप हो उन्हें किसी नज़ारे की ज़रुरत नही

तुम से मिले तो पूरे हुये हम ,ये जाना प्यार क्या है जिंदगी किसे कहते है, थाम के हाथ तुम्हारा चले है जब भी हम, ये जाना हमसफर क्या है मंज़िल किसे कहते है

कुछ फैसले किये है इम्तिहान बाकी है, जिस्म में सांसे तो है पर जीना अभी बाकी है, कर तो ली है तुमसे मोहब्बत हमने पर निभाना अभी बाकी है

हर वो तस्वीर मुस्कुराई है जिसमे तुम नज़र आये हो, क्यों ना शामिल हो जाओ ज़िंदगी में मेरी इंद्रधनुष बनकर

आपकी चाह रही इस रूह को, औऱ कोई ख्वाइश ना की कभी, सब जानते थे आप भी पर दिल में जगह दे हमे इतनी इनायत ना की आपने कभी

हम जब भी आपकी बाहों में सिमटे है, ना जाने कितने ख्वाब इन पलको में संजोये है, जी है बस वही ज़िंदगी बाकी तो उम्र हमने यूही गवाई है

उनको चाहते है अपनी साँसों की तरह, क़ीमती है दिल की धड़कनो की तरह, सांस रुक भी जाए तो कुछ पल जी भी लेंगे , बिछड़े उनसे तो मर ही जाएंगे