तुम मेरी चाहत मेरी हसरत हो तुम, तुम्ही रास्ते और मेरी मंज़िल भी तुम, तुमको चाहा बस तुम्ही को पाना है, इन सांसो की रफ्तार और दिल की धड़कन हो तुम

बदलो चाहे लाख चेहरे हमसे कैसे छुपोगे, हवाओं में है ख़ुशबू इस rooh की,साँसों में घुल सीने में उतरने से इसे कैसे रोक पाओगें

तेरे इश्क़ ने किया यह असर

तेरे इश्क़ में यह रूह पिघल सी जाती है, जब भी सुनती है तेरी आवाज़ सब भूल सी जाती है, ना जमाने की परवाह ना उस रब का खौफ , तुझे देख बस तेरे पीछे खिंची चली आती है

Mere humsafar

सुबह कोयल की धुन बनकर मेरे कानों में तुम्हारी आवाज़ गूँजी थी, तुमने आकर जो धीरे से खवाबो से जगाया था, खवाब समझ कर पलके मूंदे पड़ी रही पर चेहरा शायद मंद मंद मुस्काया था,

हो गए सब ख्वाब पूरे जब खोली पलके तुम्हे सामने पाया था