कलम उठाती हु पर कुछ लिख नही पाती, तेरी यादों में तडपती हु पर मिल नही पाती, जब भी आते है याद वो लम्हे जो तेरे साथ जिये थे मैंने, मुस्कराना चाहती हु पर इन अश्को को रोक नही पाती

Toot Gaye hai

बहुत गम थे इस ज़िंदगी में, एक आपने क्यों दे दिया, जी ही लेते थे आपकी मोहब्बत के सहारे, यह सहारा क्यों हमसे छीन लिया, अब कैसे रहे तन्हा आप ही कह दीजिये, दिन गुजरते थे देख के आपको,आपने क्यों पर्दे के पीछे चेहरा छुपा लिया